Sunday, April 7, 2013

{ ५१९ } {April 2013}






दर्द काँटों ने जो दिया मुझको
फ़ूल ने हर लिया शराफ़त से
कोई मुश्किल यहाँ नही ऐसी
जो न हल होए मोहब्बत से।।

-- गोपाल कृष्ण शुक्ल

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